जो मुझे महसूस हुआ
जश्ने मौत! मनाने लगे है लोग,
आज हुई मौतों पर
लोगों में अब सब्र कहाँ,
कि कोई रूककर रो सके दो पल भी,
कब्रे खाक हुई मौतों पर!
हर पल तौली जाने लगी हैं,
कुछ सिक्कों और कुछ रुपयों के भाव,
तलवारें लेकर कूद पड़े हैं लोग
योजनाओं की श्रद्धांजलियों लेकर समाधियों पर
सुबहे-शाम चल चले हैं ये तीर मन पर
जश्ने मौत! मनाने लगे है लोग, आज हुई मौतों पर,
ज़िन्दगी अगर अनमोल है, तो ये बाज़ारी क्यों?
कुछ पल तो ठहर जाओ,
कुछ पल तो पलट लाओ,
कितने अपनों को खो दिया है, अपनों ने
आज हुई मौतों में,
जश्ने मौत! न मनाओ, आज हुई मौतों पर
लोगों में अब सब्र कहाँ,
कि कोई रूककर रो सके दो पल भी,
कब्रे खाक हुई मौतों पर!
हर पल तौली जाने लगी हैं,
कुछ सिक्कों और कुछ रुपयों के भाव,
तलवारें लेकर कूद पड़े हैं लोग
योजनाओं की श्रद्धांजलियों लेकर समाधियों पर
सुबहे-शाम चल चले हैं ये तीर मन पर
जश्ने मौत! मनाने लगे है लोग, आज हुई मौतों पर,
ज़िन्दगी अगर अनमोल है, तो ये बाज़ारी क्यों?
कुछ पल तो ठहर जाओ,
कुछ पल तो पलट लाओ,
कितने अपनों को खो दिया है, अपनों ने
आज हुई मौतों में,
जश्ने मौत! न मनाओ, आज हुई मौतों पर
-- बस यूँही तो नहीं लिखता कोई कुछ... खुद की टीस